Antarrashtriya Sambandh, 6/e

Antarrashtriya Sambandh, 6/e

Authors : V N Khanna

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About the Author

V N Khanna :-
He was Reader in Political Science at Deshbandhu College, University of Delhi. In his long career spanning over four decades, he was actively involved with student development activities, and also served as principal of the college for a year. He participated in cooperative teaching in political science at the University of Delhi for a long time. He was a life member of the Indian Political Science Association and a member of the International Political Science Association. He authored a number of books in related areas.
 

About the Book

इस पुस्तक में अंतर्राष्ट्रीय संबंध के विषय को ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत किया गया है प्रथम
विश्वयुद्ध की पूर्व संध्या से शीत युद्ध की समाप्ति और उसके आगे। पुस्तक को दो खंडों में बांटा
गया हैः खंड-। में सैद्धंातिक परिप्रेक्ष्य, जबकि खंड-।। में ऐतिहासिक अवलोकन प्रस्तुत किया गया है।
यह पुस्तक इतिहास और राजनीतिक विज्ञान के विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।

 

Key Features

• पूर्णतया परिवर्धित और संशोधित।
• छह नये अध्याय हैं।
• सैद्धांतिक पहलू  यथार्थवाद, नव-यथार्थवाद, उदारवाद, नव-उदारवाद,
विश्व-व्यवस्था और निर्भरता तथा नारीवाद उपागम -सम्मिलित किया गया है।
• कुछ ऐतिहासिक घटनाएं - जैसे खाड़ी युद्ध - भी सम्मिलित की गई हैं।
 

Table of Content

खण्ड-। सैद्धांतिक परिवेश
1. अंतर्राष्ट्रीय संबंध का परिचय
2. यथार्थवाद
3. नव-यथार्थवाद
4. उदारवाद और नव-उदारवाद
5. विश्व व्यवस्था और निर्भरता
6. नारीवादी उपागम
7. अंतर्राष्ट्रीय संबंधो का सामाजिक रचनावादी सिद्धांत
खण्ड-।।  ऐतिहासिक विहंगम दृष्टि
8. प्रथम विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि
9. पेरिस सम्मेलन और शांति संधियाँ
10. राष्ट्रसंघः संरचना तथा कार्य
11. सुरक्षा की खोज
12. क्षतिपूर्ति, ऋण तथा आर्थिक संकट
13. रूस की क्रांति
14. इटली में फ़ासीवाद
15. सुदूर पूर्व
16. नात्सी जर्मनी का उदयः तृतीय रीख़
17. नात्सी जर्मनी का विस्तार
18. तुष्टीकरण और युद्ध की पूर्वपीठिका अनुक्रमणिका
19. द्वितीय विश्व युद्ध
20. राष्ट्रसंघ एक शांति संस्थापक
21. युद्धकालीन सम्मेलन
22. संयुक्त राज्य अमेरिका की विदेश नीति
23. सोवियत संघ की विदेश नीति
24. शीत युद्ध
25. चीन में साम्यवाद तथा कोरिया में युद्ध
26. उपनिवेशवाद उन्मूलनः तृतीय विश्व का उदय
27. तनाव शैथिल्य और शीत युद्ध का अंत
28. गुट-निरपेक्षता
29. संयुक्त राष्ट्र
30. क्षेत्रीय संगठनः शक्ति के उभरते केंद्र
31. चीन का उभार तथा अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था
32. कसौटी पर यूरोप: ब्रेक्सिट और उससे आगे
33. 2008 का आर्थिक संकट तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था का भविष्य
34. 9/11 तथा अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद का उदय
35. जलवायु परिवर्तन की अंतर्राष्ट्रीय राजनीति