Bhartiya Arthvyavastha, 55/e

Bhartiya Arthvyavastha, 55/e

Authors : Gaurav Datt & Ashwani Mahajan

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About the Author

Gaurav Datt :- Senior Economist, The World Bank

Ashwani Mahajan :- Associate Prof. PGDAV College, Delhi University, Delhi

About the Book

This book presents a comprehensive survey of the Indian Economy in terms of GDP growth, savings, investment and developments in various sectors such as agriculture, industry and services. A contradiction observed in India is that while the reform process has resulted in boosting GDP growth, it has failed to yield acceleration in the process of poverty reduction and growth of employment.
A thorough revision of the book was necessitated by these rapid changes taking place in the Indian economy. Readers will appreciate that economic scenarios, both at the global and national levels, have been changing continuously. It has been our endeavour to introduce new analysis by way of adding new sections and revising existing chapters for a better understanding of the evolving problems and opportunities for the Indian economy. A new chapter on 'Fourteenth Finance Commission (2015-20)' has recently been added in the book.


भाग-1ः भारत में विकास एवं आयोजन की मूल धारणाएँ
1. भारत-एक विकासशील अर्थव्यवस्था 
2. भारत की राष्ट्रीय आय 
3. जनसंख्या और आर्थिक विकास 
4. भारत में मानव विकास
5. व्यवसायिक ढाँचा और आर्थिक विकास 
6. भारतीय अर्थव्यवस्था में आधारसंरचना 
7. सामाजिक क्षेत्रा और सामाजिक आधारसंरचना 
8. भारत में आर्थिक आयोजन 
9. मिश्रित अर्थव्यवस्था में आयोजन की प्रक्रिया 
10. भारतीय आयोजन में विकास की रणनीति 
11. औद्योगिक नीति 
12. सरकारी क्षेत्र और भारतीय आयोजन 
13. सार्वजनिक उद्यमों का विनिवेश 
14. राज्य के कार्यभाग की पुनः परिभाजा करना 
15. निजीकरण और आर्थिक सुधार 
16. वैश्वीकरण और इसका भारत पर प्रभाव
17. भारत में आयोजनः उपलब्धियों की समीक्षा 
18. वित्तीय साधन और योजनाएँ 
19. दसवीं पंचवर्षीय योजना (2002-2007) 
20. ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना और समावेशी विकास 
21. बारहवीं पंचवर्षीय योजना (2012-2017) का दृष्टिकोण 
22. भारत में पूँजी-निर्माण की समस्या 
23. विदेशी सहायता और भारत का आर्थिक विकास 
24. गरीबी और भारत में आयोजन प्रक्रिया
25. भारत में बेरोजगारी 
26. भारत में आर्थिक शक्ति में असमानता
27. मूल्य, मूल्य-नीति और आर्थिक विकास 
28. संतुलित क्षेत्रीय विकास 
भाग-2ः भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रीय पहलू
29. कृषि, उत्पादिता प्रवृत्तियां और फसल प्रतिरूप
30. भारत में खाद्य सुरक्षा 
31. हरी क्रान्ति 
32. कृषि आदान और विधियाँ 
33. भू-सुधार
34. जोत का आकार और उत्पादिता 
35. भारत में ग्राम-ऋण की व्यवस्था
36. कृषि विपणन तथा भंडारण 
37. सहकारिता और कृषि विकास 
38. औद्योगिक ढाँचा और योजनाएँ 
39. कुछ बड़े पैमाने के उद्योग 
40. सूचना तकनालाजी उद्योग 
41. लघु उद्यम 
42. असंगठित क्षेत्रा और भारतीय अर्थव्यवस्था का अनौपचारिकरण
43. भारत का विदेशी व्यापार 
44. भारत का भुगतान-शेष 
45. विशेष आर्थिक क्षेत्र
46. गैट, विश्व व्यापार संगठन और भारत का विदेशी व्यापार 
47. औद्योगिक श्रम और इसका संगठन 
48. श्रम समस्याएँ और श्रम-नीति 
49. कृषि श्रम
50. भारतीय मौद्रिक प्रणाली
51. भारतीय वित्तीय प्रणालीः वाणिज्य बैंक-व्यवस्था 
52. भारत में वित्तीय प्रणाली का सुधर 
53. भारतीय वित्तीय प्रणालीः विकास बैंकिंग एवं वित्त संस्थान 
54. रिजर्व बैंक आॅफ इण्डिया 
55. केन्द्र और राज्यों के बीच वित्तीय सम्बन्ध
56. तेरहवां वित्त आयोग (2010-15) 
57. चैदहवां वित्त आयोग (2015-20)
58. केन्द्र एवं राज्य सरकारों की बजटीय प्रवृत्तियाँ 
59. विमुद्रीकरण के मद्देनज़र राजकोषीय नीतिः 2018-2019 के केंद्रीय बजट का मूल्यांकन
60. भारत में सरकारी अर्थसाहाय्य

Salient Features

• Union Budget 2018-2019 (Supplement)
• NITI Aayog
• Debate on WPI versus CPI
• National Income Estimates Based on New Series
• Foreign Trade Policy 2015-2020
• Emerging Issues in Black Money Stashed Abroad


Click Here to download the supplement encapsulating the following topics:

  • Recent Developments and Economic Outlook
  • Union Budget 2018-19
  • An Assessment of the Budget
  • The Goods & Services Tax (GST)