Waqt Ki Mang - Narendra Modi (Hindi Edition), 1/e

Waqt Ki Mang - Narendra Modi (Hindi Edition), 1/e

Authors : M.V. Kamath & Kalindi Randeri

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About the Author

M.V. Kamath :-
the doyen of Indian journalism, has authored over 50 books, including Gandhi's Coolie, Shri Ramakrisna Bajaj; B G Kher, The Gentleman Premier; Ganesh Vasudev Mavlankar; Devi Ahalyabai Holkar; Milkman from Anand, Kurien; Nani Palkhiwala: A Life; Gandhi: A Spiritual Journey; The Excel Story; Militant but Non-violent Trade Unionism; The United States and India; On Politics, Media and Literature, and a biography of Sai Baba.
Starting his career with the Free Press Journal in 1946, Kamath went on to become Editor of the Free Press Bulletin, Bharat Jyoti, the Sunday edition of The Times of India and the Illustrated Weekly of India. He was Special Correspondent of the Press Trust of India at the UN and Special Correspondent of the Times of India in Europe and Washington DC. Erstwhile Chairman of Prasar Bharati and Vigyan Prasar, he is today Hon. Director of the Manipal Institute of Communication.


Kalindi Randeri :-
She was Founder-Principal of the Women's Polytechnic of S.N.D.T. Women's University, Mumbai. She was awarded the 'WOMAN OF THE YEAR - 1995' title as an outstanding educationist by the Ladies' Wing of the Indian Merchants Chambers, Mumbai and by the Bombay Chapter of the Zonta International Club for Women. A Fulbright scholar, Dr Randeri has authored the book INDIAN NAMES - from Classical to Contemporary. She has also co-authored some books with M V Kamath, translated books from English into Gujarati, and is currently working on a book on Names from Buddhist Literature.
 

About the Book

एक ऐसे पूर्ण राजनीतिज्ञ के उतार चढ़ाव भरे जीवन व विकास की कहानी है जिसने भारत में राजनीति के क्षेत्रा को विस्तार दिया। नरेन्द्र मोदी अब भारतीय राजनीति के ';गेम चेंजर' के रूप में उभर चुके हैं। गुजरात की जनता पर उनके सम्मोहनपूर्ण प्रभाव ने उन्हें राज्य विधनसभा चुनावों में लगातार तीन बार विजयी बनाया है। आइए, मोदी के अबूझ व्यक्तित्व को पहचानें - उनकी आस्थाओं, उनकी प्रेरणा, उनकी अथक कार्यक्षमता और आलोचना के सामने अविचलित रहने का उनका सामथ्र्य। उन पर सांप्रदायिक होने का इल्जाम लगाया गया, 2002 के गुजरात दंगों को ';नियोजित' करने के लिए उनका बहिष्कार किया गया और एक ';ध््रुवीकृत' व्यक्तित्व होने के लिए उनकी आलोचना की गई, लेकिन मोदी ने इन सभी नकारात्मक मतों का प्रत्युत्तर गुजरात के प्रशासन माॅडल, भारतीय व विदेशी निवेश आक£षत करने का सामथ्र्य और अपनी व्यक्तिगत सत्यनिष्ठा से दिया। वाकई, युवाओं से एक प्रबल संपर्क स्थापित कर उन्होंने भारत में कांग्रेस के एकाध्किार को सशक्त चुनौती दी है। एक सामान्य जनसंघ प्रचारक से गुजरात के सबसे लंबी अवध् ितक मुख्यमंत्राी के रूप में मोदी की उस दिलचस्प यात्रा का आनंद लें, जिसका मौजूदा पड़ाव है भाजपा की 2014 के लिए गठित चुनाव समिति का अध्यक्ष पद, जिसने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति के मंच पर सुस्थापित कर दिया है और अगर अनेक मत सर्वेक्षणों और सोशल मीडिया पर मोदी की लोकप्रियता पर भरोसा करें, तो उनकी इस यात्रा का अगला पड़ाव हो सकता है - भारत के भावी प्रधनमंत्राी!